शिमला , जनवरी 22 -- हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) के पेंशनभोगियों ने अपनी मासिक पेंशन के भुगतान में लगातार हो रही देरी का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया है।
उन्होंने महीने की 22 तारीख के बाद हो रही देरी को "नए साल का तोहफा" बताया है, जिससे हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी हो रही है।
रोड ट्रांसपोर्ट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के पदाधिकारियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पेंशन समस्या का स्थायी समाधान खोजने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक रूप से पेंशन समय पर देने का दावा करती है, लेकिन उसने समय पर धनराशि जारी करने की गारंटी नहीं दी है। उन्होंने इस रवैये को भ्रामक बताया।
राज्य अध्यक्ष के.सी. चौहान, उपाध्यक्ष सुरेंद्र गौतम, अध्यक्ष देवराज ठाकुर, महासचिव नानक शांडिल और मीडिया प्रभारी देवेंद्र चौहान ने बताया कि चालू माह के पेंशन बजट को जारी करने से संबंधित फाइल पिछले एक सप्ताह से मुख्यमंत्री के पास लंबित पड़ी है और इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
पेंशनभोगियों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य श्रेणियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया गया है, जबकि एचआरटीसी पेंशनभोगियों को इससे वंचित रखा गया है।
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