पटना , जनवरी 16 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि एग्री स्टैक महाअभियान के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री की प्रगति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार की डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में एक मजबूत कदम है।
श्री सिन्हा ने आज बयान जारी कर कहा कि यूनिक किसान आईडी के माध्यम से किसानों को पीएम किसान सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलेगा। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि अभियान की तय अवधि में प्रत्येक पात्र किसान को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए और अपना राज्य इस क्षेत्र में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करे।
राज्य सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किसान रजिस्ट्री (एग्री स्टैक) महाअभियान राज्य में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।15 जनवरी 2026 को शाम 06:00 बजे तक राज्य में कुल 12,73,854 किसानों की किसान रजिस्ट्री (फॉर्मर रजिस्ट्री) पूर्ण कर ली गई है, जबकि पीएम किसान से जुड़े कुल 20,10,202 किसानों का पंजीकरण दर्ज किया गया है।इस अभियान में मुजफ्फरपुर,वैशाली,भागलपुर,पूर्णिया,कटिहार, अररिया,सीतामढ़ी,गया,पूर्वी चंपारण,दरभंगा और सहरसा जिलों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए राज्य औसत से बेहतर प्रगति दर्ज की है।इन जिलों में जिला प्रशासन, राजस्व कर्मियों, कृषि विभाग, सीएससी एवं फील्ड स्टाफ के बेहतर समन्वय से अभियान को गति मिली है।
सुधारशील जिलों में मधुबनी, समस्तीपुर, सारण, नालंदा, भोजपुर, पश्चिमी चंपारण एवं खगड़िया जैसे जिलों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इन जिलों में फील्ड-स्तरीय निगरानी बढ़ाने, ई-केवाईसी से फार्मर रजिस्ट्री में कन्वर्ज़न सुधारने, सीएससी एवं हल्का कर्मचारियों के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।ई-केवाईसी एवं फार्मर रजिस्ट्री में अंतर राज्य स्तर पर यह पाया गया है कि ई-केवाईसी के मुकाबले फॉर्मर रजिस्ट्री की गति कम है। इस अंतर को कम करने के लिए तकनीकी सहायता, किसानों के लिए ऑन-स्पॉट मार्गदर्शन समेत जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जा रहा है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने कहा कि एग्रीस्टैक महाअभियान किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। उन्होंने कहा कि जिस गति से फॉर्मर रजिस्ट्री आगे बढ़ रही है, उससे स्पष्ट है कि सुनियोजित रणनीति, सतत मॉनिटरिंग और जिला प्रशासन की सक्रियता से बिहार शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुंचेगा।
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