पटना , जनवरी 10 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को बताया कि एग्रीस्टैक महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण राज्य सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।

श्री सिन्हा ने बयान जारी कर कहा कि यह सफलता दोनों विभागों के समन्वय, जिला प्रशासन की सक्रियता और फील्ड स्तर पर तैनात सभी कर्मियों के समर्पित प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यूनिक किसान आईडी के माध्यम से किसानों को पीएम किसान सहित सभी सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और समयबद्ध लाभ मिलेगा। इससे हमारे किसान बंधु समृद्ध बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अभियान की निर्धारित अवधि में राज्य के प्रत्येक पात्र किसान को डिजिटल रूप से सशक्त किया जाए और राज्य इस दिशा में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करे। इसी उद्देश्य से महाअभियान की तारीख को विस्तारित करने का निर्देश दिया गया है।

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान रजिस्ट्री (एग्रीस्टैक महाअभियान के अंतर्गत राज्य ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नौ जनवरी 2026 को रात्रि 08:00 बजे तक राज्य में कुल 10,41,341 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही राज्य ने 10 लाख किसान रजिस्ट्री का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने बताया कि नौ जनवरी को 2,68,500 के दैनिक लक्ष्य के विरुद्ध 1,86,073 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में 69.30 प्रतिशत तक की उपलब्धि मिली है। यह उपलब्धि अभियान के मिशन मोड में संचालन एवं प्रभावी प्रशासनिक मॉनिटरिंग का परिणाम है। इसकी रफ्तार और तेज करने तथा सभी किसानों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से इसको 21 जनवरी तक विस्तारित किया गया है।

ट्रेंड विश्लेषण के अनुसार, 08 जनवरी 2026 को रात्रि 08:00 बजे तक 1,30,489 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जबकि09 जनवरी 2026 को रात्रि 08:00 बजे तक यह संख्या बढ़कर 1,86,073 हो गई।इस प्रकार एक ही दिन में लगभग 42 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि 09 जनवरी को सुबह 09:00 बजे तक उपलब्धि मात्र 2.78 प्रतिशत थी। इसकी निरंतर समीक्षा, जिला स्तरीय निगरानी एवं फील्ड स्तर पर तैनात वरीय राजस्व अधिकारियों की मॉनिटरिंग के चलते शाम 08:00 बजे तक यह बढ़कर 69.30 प्रतिशत तक पहुंच गई।

नौ जनवरी को सुबह 11:30 बजे तक 66,834 किसानों का ई-केवाईसी किया गया, जबकि 29,735 फॉर्मर रजिस्ट्रेशन ही हो सका, जो लगभग 44 प्रतिशत कन्वर्ज़न को दर्शाता है। इस अंतर को कम करने के लिए फील्ड स्तर पर तकनीकी सहायता, जागरूकता एवं मार्गदर्शन को और सुदृढ़ किया जा रहा है।

प्रधान सचिव श्री अनिल ने बताया कि एग्रीस्टैक महाअभियान राज्य के किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। उन्होंने कहा कि 10 लाख किसान रजिस्ट्री का आंकड़ा पार होना इस बात का प्रमाण है कि सुनियोजित रणनीति, सतत मॉनिटरिंग और जिला प्रशासन की सक्रियता से राज्य आने वाले दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा। इस उपलब्धि को हासिल करने के उद्देश्य से इस महाअभियान को 21 जनवरी तक विस्तारित कर दिया गया है।

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