सहारनपुर , जनवरी 21 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में सामूहिक हत्या या आत्महत्या की लोगों के अंतर्मन को गहराई से आहत करने वाली अशोक राठी के परिवार के पांच जनों की त्रासदिक मौत ऐसी अकेली घटना है, जिसमें घटना को अंजाम देने की मुख्य और तात्कालिक वजह घटना के 40 घंटे बाद भी उजागर नहीं हो पाई।

प्रोन्नत डीआईजी/एसएसपी आशीष कुमार तिवारी सहारनपुर , बुधवार को महज इतना ही बता पाए कि अशोक राठी के परिजनों से मिली जानकारियों से पता चलता है कि परिवार का मुखिया अशोक राठी (40) राजस्व अमीन गहरे अवसाद में था। ना तो जांच एजेंसियां और ना ही अशोक राठी के करीबी रिश्तेदार जिनमें उनकी दो बहनें मोहिनी और पिंकेश भी यह नहीं बता पाईं कि उनके भाई अशोक राठी जिन्हें आगामी एक फरवरी को सरसावा में बनाए गए नए मकान में शिफ्ट होना था, तो ऐसे में अचानक से ऐसी क्या स्थिति पैदा हो गई थी कि अशोक राठी अपनी 70 वर्षीय मां विद्यावती, पत्नी अंजिता और दो मासूम सुंदर बेटों कार्तिक 16 और देव 13 की देशी तमंचों से निर्मम हत्या करने के बाद अपनी भी जान देने का असाधारण कदम उठाने को मजबूर हुआ।

अशोक राठी की दोनों बहनों का कहना था कि उन्हें भी अपने भाई की इस कदम को उठाने की मजबूरी का पता नहीं चल पाया। यदि उनका भाई कोई समस्या बताता तो उसका अवश्य ही समाधान निकलता। यही बात अशोक राठी के पड़ौसी और जानकार भी कह रहे हैं। सभी का सवाल है कि आखिर ऐसा कौन सा तात्कालिक दबाव उसके ऊपर था जिसके कारण उसने इतना भयावह कदम उठाया।

एसएसपी आशीष कुमार तिवारी घटना के पीछे अवसाद को ही बड़ा कारण बताते हैं। पुलिस ने अशोक राठी और उसकी पत्नी अंजलि दोनों के मोबाइल कब्जे में लिए हैं और पुलिस की कोशिश होगी कि दोनों की मोबाइलों की जांच से इस रहस्य से कुछ हद तक पर्दा उठ सकता है।

पुलिस के अनुसार अशोक राठी ने मंगलवार तड़के 3.52 मिनट पर करीब 78 सेकंड के अपनी बहनों पिंकेस और मोना के आडियो संदेश में इतना ही कहा कि उनके भाई ने अपना परिवार खत्म कर बहुत बड़ी गलती कर दी है और तुम्हारा भाई होकर भी बहुत गलत काम किया है। यदि मैं खुद को ही मारता तो बड़ी समस्या यह थी कि इन्हें कौन संभालता। इसलिए वह सभी को साथ लेकर आत्महत्या कर रहे हैं। महत्वपूर्ण यह है कि अशोक राठी ने इस आडियो मैसेज में कहा कि वह किसी को अपनी मजबूरी नहीं बता सकता और बहुत मजबूर था कि अब अंत आ गया था। इसलिए मुझे मरना पड़ रहा है। जाहिर है घटना की वजह अशोक राठी ने खुद ही हमेशा के लिए दफन कर दी। इसलिए हर कोई इस घटना को लेकर यही जानने को उत्सुक है कि इस तरह की त्रासदी क्यों हुई।

अशोक राठी के साले हरियाणा के यमुना नगर जिले के नंदगढ़ निवासी राहुल सिंह का कहना था कि उनके जीजा अशोक राठी ने एक वर्ष पूर्व भी पूरे परिवार को मौत की नींद सुलाने के लिए नींद की गोलियां खिला दी थी। गनीमत रही तब ऐसी कोई अनहोनी नहीं हुई और सभी का जीवन बच गया था। जाहिर है लंबे समय से अशोक राठी खुद और अपने परिवार को खत्म करने की बात अपने मन में गहरे से पाले हुए था और उन्होंने ऐसा करके ही दम लिया।

आमतौर से ऐसा अभी तक कोई कारण जो इस लोमहर्षक कांड को किए जाने की वजह बने, सामने नहीं आ पाया। इससे पूर्व सहारनपुर जनपद में अभी तक जो सामूहिक हत्या और आत्महत्या की बड़ी घटनाएं हुई हैं उन सभी में उनके कारणों का खुलासा हुआ है। पहला मामला पिछले वर्ष 22 मार्च का गंगोह कोतवाली क्षेत्र के सांगाठेड़ा का है जहां भाजपा नेता योगेश रोहिला ने अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह होने के कारण उसकी और तीन मासूम बच्चों की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी थी।

विगत वर्ष 13 जनवरी को गांव नंदी फिरोजपुर में एक दलित युवक विकास ने एक फाइनेंस कंपनी के कर्ज में ऋण वापसी के दबाव से परेशान होकर अपनी पत्नी रजनी, बेटी परि, पलक और बेटे विवेक के साथ जहर खा लिया था। रजनी और विवेक की मौत हो गई थी। बाकी तीन को चिकित्सकों ने उपचार से बचा लिया था।

इसी साल 16 जनवरी को थाना गागलहेड़ी के बलियाखेड़ी गांव में घरेलू विवाद में एक महिला मनीता ने अपने मासूम बच्चों छह साल की बेटी नित्या और कार्तिक को जहर देकर खुद भी विषेला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी।

इन घटनाओं को लेकर मनोरोग चिकित्सक तरह तरह की सावधानियां बरते जाने के सुझाव दे रहे हैं। सभी का कहना है कि अवसादग्रस्त एवं मानसिक रोगियों के लिए तन्हाई और अकेलापन एवं गुमसुम रहना बेहद घातक एवं चिंताजनक कारण हैं। इसी के चलते हत्या और सामूहिक हत्या की घटनाएं सामने आती हैं।

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