पटना , जनवरी 31 -- बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के तहत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा बिहार संग्रहालय, पटना के संयुक्त सहयोग से महान संगीतकार रवि की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को "एक शाम सुर-सम्राट रवि के नाम" का भावपूर्ण आयोजन किया गया।
कार्यक्रम "एक शाम सुर-सम्राट रवि के नाम" का भावपूर्ण आयोजन बिहार संग्रहालय के ओरिएंटेशन हॉल में हुआ।कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने मुंबई से पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं स्मरणीय आयोजनों के लिए कला एवं संस्कृति विभाग सदैव उत्सुक एवं प्रतिबद्ध रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान संगीतकार रवि के जीवन और उनके रचनात्मक योगदान पर केंद्रित संवाद सत्र का आयोजन किया गया। संवाद सत्र के बाद प्रख्यात प्लास्टिक सर्जन एवं गायक डॉ. मुकुंद जगन्नाथन की गायकी ने संपूर्ण वातावरण को संगीतमय बना दिया। उन्होंने संगीतकार रवि द्वारा रचित अमर गीतों- "जाने बाहर हुस्न तेरा बेमिसाल", "ये मेरी जोहरा जबीं", "आज तुझको पुकारे मेरा प्यार", "तुम अगर साथ देने का वादा करो" सहित अनेक कालजयी तरानों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को स्वर्णिम संगीत युग की अनुभूति कराई।
इस अवसर पर रेरा के अध्यक्ष सह सदस्य विवेक कुमार सिंह, राजस्व पार्षद की अध्यक्ष सह सदस्य श्रीमती हरजोत कौर, पूर्व डीजीपी आलोक राज, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी, तथा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम से अरविंद रंजन दास सहित अनेक श्रोतागण तथा गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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