नयी दिल्ली , दिसंबर 02 -- एक्सपायर हो चुके एयरवर्दिनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (एआरसी) पर विमान उड़ाने के एक मामले में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जांच शुरू कर दी है।
डीजीसीए ने मंगलवार को एक प्रेस नोट में बताया कि आम तौर पर टाटा समूह की कंपनी एयर इंडिया हर साल अपने विमानों की जांच के बाद उनके लिए एआरसी जारी करती है। लेकिन, एयर इंडिया द्वारा साल 2024 में विस्तारा के अधिग्रहण के समय यह तय हुआ था कि विस्तारा से आने वाले सभी 70 विमानों को पहले साल में एआरसी डीजीसीए द्वारा जारी किया जायेगा।
डीजीसीए ने बताया कि 69 विमानों को जांच के बाद डीजीसीए ने एआरसी जारी कर दिया जबकि एक विमान के बारे में एयर इंडिया ने आवेदन दिया कि उसे इंजन बदलने के लिए ग्राउंड किया गया है।
इंजन बदलने के बाद एयर इंडिया ने बिना डीजीसीए से एआरसी लिए उस विमान को सेवा में शामिल कर लिया।
एयर इंडिया ने गत 26 नवंबर को डीजीसीए को बताया कि विमान ने एक्सपायर हो चुके एआरसी पर आठ सेक्टरों पर उड़ान भरी।
नियामक ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और एयर इंडिया को विमान को ग्राउंड करने का आदेश दिया है और एआरसी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित व्यक्ति को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
एयर इंडिया ने भी मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि उसके तंत्र में कहां समस्या है।
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