मुंबई , मार्च 18 -- महाराष्ट्र में श्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं ने बुधवार को यहां दावा किया कि उनके कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसदों से संपर्क किया है ताकि उन्हें अपने गुट में शामिल होने के लिए मनाया जा सके और इस कदम को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है।

सूत्रों ने यह भी कहा कि शिव सेना ने लोकसभा में अपने सांसदों की संख्या बढ़ाने के लिए एक विशेष योजना तैयार की है और वे शिव सेना (यूबीटी) के सांसदों को लुभाने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे 'डी-डे' (तय समय) से पहले इस मामले पर चर्चा न करें। यह भी दावा किया गया है कि 'ऑपरेशन टाइगर' को सफल बनाने के लिए शिवसेना (यूबीटी) के कुछ नेताओं को गिरफ्तार करने की चालें चली जा रही हैं। यह घटनाक्रम उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हाल ही में नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक के बाद सामने आया है।

सूत्रों के अनुसार, श्री शिंदे ने दिल्ली में कानूनी विशेषज्ञों के साथ अविभाजित शिव सेना के 'धनुष-बाण' चुनाव चिन्ह को लेकर उच्चतम न्यायालय में चल रही कानूनी लड़ाई के विवरण की समीक्षा की थी। श्री शिंदे उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के समय अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए अपनी पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि 'ऑपरेशन टाइगर' संभवतः श्री शिंदे का एक एहतियाती कदम या बीमा योजना है, ताकि यदि न्यायालय चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने या उसे उद्धव ठाकरे के गुट को वापस देने का फैसला सुनाता है, तो वे तैयार रहें।

इस बीच शिंदे गुट के राज्य उद्योग मंत्री उदय सामंत और पूर्व सांसद राहुल शेवाले बुधवार को कथित तौर पर पार्टी संगठन में बदलावों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली पहुंचे।

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