नागपुर , दिसंबर 14 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला और कहा, "हमने मुंबई की सड़कों को धोया, लेकिन उसके खजाने को कभी लूटा नहीं।"श्री शिंदे ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन कोविड काल और मिठी नदी की सफाई कार्यों के दौरान भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने श्री ठाकरे को "रहमान डाकू" करार दिया, जिसने "मुंबई के खजाने को लूटा"। उन्होंने यह भी दावा किया कि महायुति सरकार ऐसी ताकतों का मुकाबला करने के लिए काफी मजबूत है।

श्री शिंदे ने काव्यात्मक तंज कसते हुए कहा कि महायुति उन लोगों को हराएगी जो मुंबई को लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी योजनाएं "गेम चेंजर" हैं और महायुति आगामी नगरपालिका चुनावों में विजयी होगी।

श्री शिंदे ने अपनी स्थिति की वैधता पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें पहले मुख्यमंत्री के रूप में और अब उपमुख्यमंत्री के रूप में भी "असंवैधानिक" कहा गया, लेकिन उनका काम बिना रुकावट जारी है। उन्होंने टिप्पणी की कि कुछ लोग यह हजम नहीं कर पा रहे कि एक साधारण परिवार से आने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बन गया।

श्री शिंदे ने मुंबई के लिए कई बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की, जिनमें वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड को मंजूरी, पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट, बीकेसी से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक अंडरग्राउंड टनल और विरार से वाधवन तक सड़क विकास शामिल हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब काला पानी समुद्र में नहीं बहेगा और मुंबई से पर्यावरणीय तथा राजनीतिक प्रदूषण दोनों खत्म हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुंबई छोड़कर गए मुंबईकरों को वापस लाने के प्रयास चल रहे हैं और दोहराया कि मुंबई को महाराष्ट्र से कभी अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि झुग्गी-झोपड़ी निवासियों की जानकारी डिजिटल की जा रही है।

शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी (23 जनवरी) पर शिंदे ने मुंबईकरों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बालासाहेब का तैल चित्र विधानसभा के सेंट्रल हॉल में लगाया गया है और उनके कार्यकाल में 300 एकड़ का सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट शुरू किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर राज्य भर के शहरों में उद्यानों के लिए फंड आवंटित करने का भी जिक्र किया।

श्री शिंदे ने कृषि मोर्चे पर कहा कि अत्यधिक वर्षा से प्रभावित किसानों को 15,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिसमें नियमों में ढील दी गई। किसान ऋण माफी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि यह वादा पूरा होगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं को सिर्फ फोटो के लिए खेतों में जाने वाले बताया।

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