वडोदरा , दिसंबर 02 -- सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एकता पदयात्रा सातवें दिन मंगलवार को वडोदरा जिले के डभोई तालुका के लिंगस्थली गांव से शुरू हुई और टिम्बरवा गांव से होते हुए सिनोर तालुका के ताजली गांव में एक जनसभा में परिवर्तित हो गई।

आज के दिन का मुख्य आकर्षण वडोदरा के साधली में आयोजित सरदार गाथा थी, जिसका विषय था "विरासत और पुनरुद्धार - शाश्वत सरदार।" इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की विशिष्ट उपस्थिति रही।

सातवें दिन की शुरुआत स्मृति वन में 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत पेड़ लगाने की गतिविधि के साथ हुई, जिसमें स्वयंसेवकों, पदयात्रियों, छात्रों और स्थानीय निवासियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण, पदयात्रा, सरदार सभा और ग्राम सभा सहित विभिन्न चरणों में कई प्रमुख गणमान्य लोग शामिल हुए। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे आज सुबह पदयात्रा में शामिल हुईं, इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पदयात्रियों के साथ चले और युवाओं से बातचीत की।

सरदार गाथा की शुरुआत केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करने और पदयात्रा की प्रगति पर रोशनी डालने के साथ की और कहा कि केवल सात दिनों में ही यह पदयात्रा एक सच्ची विचार-यात्रा में बदल गई है, जिसमें नागरिकों, विशेषकर किसानों ने रास्ते में पदयात्रियों को स्थानीय उत्पाद दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल दो साल तक चलने वाले देशव्यापी स्मरणोत्सव कार्यक्रम का हिस्सा है, जो सरदार पटेल की विरासत के प्रति नागरिकों के गहरे भावनात्मक जुड़ाव को दिखाता है।

सभा को संबोधित करते हुए, श्री पुष्कर सिंह धामी ने सरदार पटेल को हार्दिक श्रद्धांजलि दी और याद किया कि कैसे महान नेता ने राष्ट्र को एकजुट करने और रियासतों के एकीकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सरदार पटेल के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के सपने को पूरा कर रहा है और उन्होंने नागरिकों से इस राष्ट्रीय संकल्प में योगदान देते रहने की अपील की।

श्री गुलाब चंद कटारिया ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने लाखों लोगों में देशभक्ति और एकता की भावना का संचार किया और इस बात पर जोर दिया कि आज भारत में जो एकता है और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का अस्तित्व यह सब सरदार पटेल के निर्णायक नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज के जागरूक और देशभक्त युवा भारत को दुनिया के सबसे मजबूत देशों में से एक बनाएंगे।

श्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में हर दिन 17-18 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए पदयात्रियों की प्रशंसा की और इसे सरदार पटेल के आदर्शों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पदयात्रा भारत की एकता के उज्ज्वल अध्यायों को पुनर्जीवित करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में सरदार पटेल के योगदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा और उन्होंने इस राजनेता को नेताओं की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बताया।

उल्लेखनीय है कि युवा मामले एवं खेल मंत्रालय अपने माई भारत मंच के जरिए सरदारएट150 राष्ट्रीय एकता पदयात्रा का आयोजन कर रहा है, यात्रा आज सातवें दिन भी उत्साहपूर्वक आगे बढ़ती रही और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के राष्ट्रव्यापी स्मरण को आगे बढ़ाया।

आज 7वें दिन भी यह पदयात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। यह पदयात्रा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशव्यापी स्मरणोत्सव कार्यक्रम मनाने के प्रयासों को आगे बढ़ा रही है। पिछले सप्ताह पदयात्रा के दौरान वृक्षारोपण गतिविधियां, योग शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युवाओं की भागीदारी, सरदार गाथा, ग्राम सभाएं, स्वच्छता अभियान और व्यापक सामुदायिक सहभागिता देखने को मिली तथा पहले छह दिनों में इसने 93 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है। आज 21.5 किलोमीटर की दूरी तय करने के साथ, पदयात्रा की कुल दूरी अब 115 किलोमीटर तक पहुंच गई है, जो जन-भागीदारी की अभूतपूर्व भावना के साथ आगे बढ़ रही है।

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