दरभंगा , अप्रैल 05 -- एकता और सद्भाव का प्रतीक ईस्टर पर्व ईसाई समुदाय ने बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया।

इस अवसर पर रविवार को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। ईसाई धर्मावलंबी नए कपड़े पहनकर चर्च पहुंचे और यीशु मसीह के पुनर्जीवन मिलने की खुशी मनाई। बच्चों और युवाओं ने गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। चर्च के पादरियों ने अपने संदेश में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि यह पर्व समाज में एकता और सद्भाव का प्रतीक है। शहर के मध्य स्थित होली रोसरी कैथोलिक चर्च में भी कैथोलिक समुदाय के ईसाइयों ने रविवार को ईस्टर पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया।

इस अवसर पर चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रविवार की सुबह मिस्शा का भी आयोजन किया गया। शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि में ही लोग नए वस्त्र पहनकर चर्च पहुंचे और यीशु मसीह के पुनरुत्थान की खुशी मनाई। चर्च में आयोजित पास्का जागरण समारोह में प्रार्थना के दौरान भजन-कीर्तन और विशेष उपदेश का आयोजन हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।पादरी ने अपने संदेश में प्रेम, शांति और भाईचारे का महत्व बताया तथा सभी से आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।कार्यक्रम के अंत में लोगों ने एक-दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं और प्रसाद वितरित किया। यह पर्व लोगों के बीच एकता, प्रेम और नई आशा का संदेश लेकर आया।

प्रभु येसु के पुनरुत्थान के पर्व पर होली रोसरी कैथोलिक चर्च में आयोजित पास्का जागरण समारोह को संबोधित करते हुए पल्ली पुरोहित फादर रॉय मैथ्यू सी.एस.टी. ने बताया कि ईस्टर पर्व ईसाई धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र उत्सव है, जो प्रभु येसु मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन इस बात का प्रतीक है कि सत्य, प्रेम और जीवन की शक्ति मृत्यु और अंधकार पर विजय प्राप्त करती है। ईस्टर हमें यह संदेश देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी आशा का प्रकाश बना रहता है।

फादर रॉय मैथ्यू सी.एस.टी ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संसार अनेक चुनौतियों जैसे तनाव, हिंसा, असमानता और निराशा का सामना कर रहा है, तब प्रभु के पुनरुत्थान का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, हमें विश्वास, धैर्य और सकारात्मकता बनाए रखनी चाहिए। ईस्टर हमें नई शुरुआत करने, दूसरों के प्रति प्रेम और करुणा दिखाने तथा समाज में शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है। इस प्रकार, ईस्टर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह आज के समय में मानवता के लिए आशा, नवजीवन और एक बेहतर भविष्य का संदेश लेकर आता है।

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