मथुरा , जनवरी 10 -- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिन्दुओं की एकजुटता से भारत अगले 20-30 साल में विश्व गुरु बन सकता है।

वृंदावन की सुदामा कुटी आश्रम के शताब्दी महोत्सव में भाग लेने पहुंचे मोहन भागवत ने सुदामा कुटी के महंत सुदीक्षक दास महाराज मनी ऋषि साध्वी ऋतंभरा मलूक पीठ राजेंद्र दास महाराज और अन्य संतो के सानिध्य में कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होने भक्ति को ही शक्ति बताया और कहा कि पश्चिम खुद को सृष्टि का स्वामी समझता हैं जबकि हम सृष्टि के स्वामी नहीं हम सृष्टि के अंग हैं। उन्होने कहा " हम भारत में रहने वाले सभी लोगों को हिंदू समझते हैं लेकिन बाहरी लोग हमें अलग-अलग जातियों में देखते हैं। हमें एक होना होगा सभी हिंदू एक हो सभी के साथ बैठे हैं उठे खाएं बातचीत करें।"भागवत में हिंदुओं की एकता पर जोर देते हुए कहा कि आरएसएस का कुटुंभ प्रबोधन यही हैं। हमने बलिदान देकर धर्म को बचा कर रखा है। आज दुनिया में सनातन का डंका बज रहा है. हम संघ कार्य में भक्ति से राष्ट्र सेवा करते हैं शक्ति जागरण का कार्य हमको करना है भक्ति कार्य करने वाले संत हैं. इसलिए मैं ऐसे आयोजन में जाता हूं।

उन्होने कहा " हम खड़े हो गए तो दुनिया में हमारे सामने कोई शक्ति नहीं है जो टिक सके हमको जागरण और चने की जरूरत है। संकट आते हैं धैर्य से सामना करने वालों के सामने नहीं टिकते। इस परिस्थिति को हमने पहले भी देखा है। जैसे हम सनातनी धार्मिक हिंदू एक होते जाएंगे। ये शक्तियाँ टूटती जाएंगी। हमें शक्ति के आधार पर चलना है, ऐसे आयोजनों में जाना संतों के उपदेश को पाना ऐसे सबको जोड़ने चलें।"आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने साफ शब्दों में संदेश दिया कि अगर हिंदू एक रहेगा तो आने वाले 20 से 30सालों में भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। मंच पर पीपा पीठाधीश्वर बलराम दास, कमल नयन दास महाराज, साध्वी ऋत्मभरा, ज्ञानानंद महाराज, गौरी शंकर दास महाराज, कुमार स्वामी, राजेंद्र दास महाराज, भूरी वाले बाबा, सुदर्शन दास महाराज, मनोज मोहन शास्त्री, विहिप के बड़े दिनेश जी भी मौजूद रहे।

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