जयपुर , फरवरी 20 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के एक अधिकारी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने सेवानिवृत्ति के करीब होने पर श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के लिए अपने स्थानांतरण को रोकने की मांग की थी।
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आदेश में कहा कि स्थानांतरण एक प्रशासनिक निर्णय है और इसमें न्यायालय बार-बार दखल नहीं दे सकता। एएआई अधिकारी ने उच्च न्यायालय में दलील पेश की कि विभाग की नीति यह कहती है कि जब किसी अधिकारी के पास तीन वर्ष से कम सेवा शेष हों, तो उसे दूरस्थ स्थान पर तबादला नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने तर्क दिया कि श्रीनगर एक कठिन और दूरस्थ स्थल है, सेवानिवृत्ति होने के बहुत करीब होने पर उनका स्थानांतरण करना उनके संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत ऐसे स्थानांतरण आदेशों में सामान्य रूप से हस्तक्षेप नहीं करती, खासकर जब प्रशासनिक आवश्यकताओं के चलते यह निर्णय लिया गया हो।
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