नयी दिल्ली , अक्टूबर 24 -- चुनाव आयोग ने कृत्रिम मेधा( एआई) सृजित प्रचार सामग्री के इस्तेमाल पर राजनीति दलों के लिए शुक्रवार को दिशानिर्देश जारी किए।

आयोग ने इसके लिए सभी राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय तथा मान्यता प्राप्त दलों के अध्यक्षों, महासचिवों को परामर्श जारी किये । दिशानिर्देश में कहा गया है कि चुनाव प्रचार में कृत्रिम मेधा (एआई) द्वारा सृजित किसी भी प्रचार सामग्री का इस्तेमाल करते समय राजनीतिकी दलों , प्रत्याशियों और उनका प्रचार करने वाले उनके प्रतिनिधियों को उस सामग्री के साथ यह स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि सामग्री एआई सृजित, डिजिटल तरीके से बढ़ाई गयी है या कृत्रिम सामग्री है। इस तरह की जानकारी की सूचना प्रचार सामग्री के कम से कम 10 प्रतिशत स्थान में प्रस्तुत की जानी चाहिए ताकि वह स्पष्ट दिखे।ऐसी सामग्री का सृजन करने वाले की सूचना भी देनी होगी। किसी भी प्रकार की भ्रामक सामग्री को नोटिस मिलने के तीन घंटे के अंदर पार्टी के पेज या हैंडल से उसे हटाना अनिवार्य होगा। राजनीतिक दलों को एआई सृजित प्रचार सामग्री का पूरा रिकार्ड रखना होगा और अयोग के मांगने पर दिखाना होगा।

आयोग के प्रधान सचिव एसबी जोशी के हस्ताक्षर से जारी इस परामर्श में कहा गया है कि यह परामर्श तत्काल प्रभावी माना जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित