लखनऊ , फरवरी 11 -- हेल्थकेयर में एकेडमिक सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शोध को गति देने के उद्देश्य से संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ और बेनेट यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा के बीच एक दिन पूर्व मंगलवार को एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आर. के. धीमन, निदेशक और प्रो. तपस बादल, डिप्टी डीन, बेनेट यूनिवर्सिटी के बीच औपचारिक रूप से आदान-प्रदान किया गया। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य एआई-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स के विकास और क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना है, जिससे मेडिकल साइंसेज में एकेडमिक एक्सचेंज, क्लिनिकल रिसर्च और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर प्रो. आर. के. धीमन ने कहा, "यह सहयोग नई तकनीकों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, को अपनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्नत कम्प्यूटेशनल रिसर्च को मेडिकल विशेषज्ञता के साथ जोड़कर हम सटीक निदान और प्रभावी उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर सकते हैं।"समारोह में संस्थान के वरिष्ठ फैकल्टी एवं प्रशासक उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. शालीन कुमार (डीन), प्रो. अर्चना गुप्ता (विभागाध्यक्ष, रेडियोडायग्नोसिस), प्रो. अवधेश जायसवाल (हेड, न्यूरोसर्जरी), प्रो. अरुण श्रीवास्तव (चीफ, एपेक्स ट्रॉमा सेंटर), प्रो. मोहन गुर्जर (क्रिटिकल केयर मेडिसिन), प्रो. अतुल गर्ग (असिस्टेंट फैकल्टी इंचार्ज, रिसर्च), डॉ. अनिल सिंह और डॉ. सूर्यकांत शामिल थे।

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