नयी दिल्ली , दिसंबर 07 -- केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित तकनीकें भारत के बिजली वितरण क्षेत्र को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती हैं।
उन्होंने यहां भारत मंडपम में आयोजित "बिजली वितरण क्षेत्र में एआई/एमएल तकनीकों के उपयोग" पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुये यह बात कही।
श्री लाल ने कहा कि एआई/एमएल से संचालित समाधान बुद्धिमान, उपभोक्ता-केंद्रित और स्व-अनुकूलित वितरण नेटवर्क विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर एनालिटिक्स, डिजिटल ट्विन, पूर्वानुमानित रखरखाव, चोरी का पता लगाने वाली इंटेलिजेंस, उपकरण-स्तरीय उपभोक्ता विश्लेषण, स्वचालित आउटेज पूर्वानुमान और जेनएआई आधारित निर्णय सहायता जैसे समाधान बिजली कंपनियों के संचालन और उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग अनुभव को पूरी तरह बदल सकते हैं।
श्री लाल ने कहा कि नई तकनीकें न केवल बिजली कटौती की संभावना को कम करती हैं, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं को चोरी के बोझ से बचाने, वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के घाटे को घटाने और बिजली खरीद लागत को प्रभावी बनाने में भी मददगार साबित होंगी। उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीकें परिवारों को अपनी खपत को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने का अधिकार देती हैं और डिस्कॉम को मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित करने में सहायता करती हैं।
सम्मेलन में उद्योग जगत, नवप्रवर्तकों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, शिक्षाविदों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। श्री लाल ने कहा कि सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि बिजली वितरण तंत्र को स्मार्ट और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक अपनाने में उपभोक्ताओं की भागीदारी भी आवश्यक है और नई तकनीकों को लेकर फैली गलत जानकारियों को दूर करना होगा।
सम्मेलन में नवाचार के लिए राष्ट्रीय आह्वान के तहत 195 आवेदन प्राप्त हुए। प्रारंभिक जांच के बाद 51 समाधानों को जूरी के विस्तृत मूल्यांकन के लिए चुना गया। मूल्यांकन के बाद विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं की घोषणा की गई।
डिस्कॉम श्रेणी में टीएनपीडीसीएल (तमिलनाडु) और एमपी ईस्ट (मध्य प्रदेश) को विजेता घोषित किया गया।
एएमआईएसपी श्रेणी में टाटा पावर और अप्रावा एनर्जी को चयनित किया गया। तकनीकी समाधान प्रदाता श्रेणी में प्रवाह और फ्लॉक एनर्जी, जबकि गृह स्वचालन श्रेणी में टाटा पावर विजेता रहे।
विजेताओं ने उन्नत स्मार्ट मीटर विश्लेषण, सटीक उपभोक्ता सूचकांकीकरण, व्यवहारिक मांग प्रतिक्रिया, एआई आधारित परिचालन स्वचालन, रीयल-टाइम ग्रिड इंटेलिजेंस और उपकरण-स्तरीय उपभोक्ता विश्लेषण जैसे नवाचारों का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विद्युत मंत्री ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा विकसित स्टॉलर (दीर्घकालिक पर्याप्तता और लचीलेपन के लिए रणनीतिक उपकरण) का शुभारंभ किया। यह उपकरण डिस्कॉम कंपनियों को दीर्घकालिक संसाधन पर्याप्तता का अध्ययन करने और बेहतर योजना तैयार करने में मदद करेगा।
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