ऋषिकेश , फरवरी 16 -- उत्तराखंड में आस्था एवं अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली चार धाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सहज बनाने के उद्देश्य से उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक रणनीति तय की गई।

बैठक में होटल व्यवसायियों, परिवहन संचालकों, डंडी-कंडी संघ और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर यात्रा प्रबंधन पर अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार श्रद्धालुओं की संभावित रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आवास से लेकर यातायात, पंजीकरण से लेकर भीड़ नियंत्रण, पार्किंग से लेकर स्वच्छता एवं आपदा प्रबंधन तक हर पहलू पर गहन समीक्षा की गई।

प्रशासन ने यात्रा तिथियों की भी पुष्टि कर दी है। 19 अप्रैल 2026 से यात्रा का शुभारंभ होगा, जब यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।

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