ऋषिकेश , जनवरी 25 -- धर्मनगरी प्रयागराज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर कांग्रेसजनों ने दो घंटे का मौन उपवास रखा। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी जयेन्द्र रमोला ने किया।
मौन उपवास के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं व क्षेत्रवासियों ने घटना की निंदा करते हुए सनातन संस्कृति, धार्मिक गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि पूज्य संत के साथ किया गया दुर्व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रदेश का नेतृत्व स्वयं संत समाज से जुड़ा हुआ है, वहीं संतों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है। कांग्रेस पार्टी इस कृत्य का पुरजोर विरोध करती है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवादून मोहित उनियाल और पूर्व पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा ने कहा कि संत समाज का अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यह मौन उपवास आस्था, संस्कृति और सनातन मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने सरकार से घटना पर संवेदनशील रुख अपनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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