ऋषिकेश , अक्टूबर 28 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश में मुनि की रेती-ढालवाला नगर पालिका क्षेत्र में अजेंद्र कंडारी हत्याकांड के बाद शराब के ठेके को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग ने जोर पकड़ ली और लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी ठेके के बाहर जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग धरना प्रदर्शन पर डटे रहे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आंदोलनकारियों का कहना है कि यह ठेका शराब नहीं, मौत बांट रहा है। जनता का आक्रोश इतना बढ़ गया है कि वह अब किसी भी सूरत में ठेका नहीं खुलने देंगे। धरने में नरेंद्र नगर के पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत और मुनि की रेती ढालवाला की नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजलवाण भी शामिल हैं।

सुश्री बिजलवाण ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह भूख हड़ताल पर भी बैठेंगीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेरे क्षेत्र में शराब का ठेका नहीं खुलेगा, चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान क्यों न देनी पड़े।

नशा विरोधी अभियान चलाने वाली कुसुम जोशी ने भी शराब के ठेके के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए कहा कि शराब युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है।

वहीं, मौके पर पहुंचे जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने बताया कि शराब ठेका बंद करने का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक शासन से आदेश नहीं मिलते, तब तक ठेका खोले जाने का प्रयास किया जाएगा क्योंकि इससे राज्य के राजस्व का प्रश्न जुड़ा है।

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