ऋषिकेश , अप्रैल 05 -- उत्तराखंड में तीर्थनगरी ऋषिकेश की बेटियों ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का दम दिखाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल की है।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा 25 से 28 मार्च 2026 तक चेन्नई में आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया किकबॉक्सिंग लीग में ऋषिकेश की रेनबुकई कराटे एकेडमी की छात्राओं ने कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

गीता नगर एवं रायवाला की दीया बिष्ट, काजल चौधरी और सलोनी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किए, जबकि आरोही ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।

रविवार को राष्ट्रीय प्रतियोगिता से लौटने पर खिलाड़ियों और कोच कमल सिंह बिष्ट का देहरादून रोड स्थित अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा कार्यालय में जोरदार स्वागत किया गया। महासभा अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी और उपाध्यक्ष वीरेंद्र नोटियाल ने माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर खिलाड़ियों का सम्मान किया।

कोच कमल सिंह बिष्ट ने कहा कि आज के दौर में किकबॉक्सिंग जैसी विधाएं केवल खेल नहीं बल्कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा का मजबूत हथियार हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और वे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सक्षम बनती हैं।

महासभा के अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने खिलाड़ियों की उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि ऋषिकेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही मंच और प्रोत्साहन देने की। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हैं।

खिलाड़ियों ने बताया कि इस लीग का आयोजन देश के 150 जिलों में किया गया था, जिसके बाद चार जोन बनाकर अंत में चेन्नई में राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें देशभर से करीब 500 महिला खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में सुधीर चौधरी, अभिषेक गुप्ता, करण कुमार, मनोज नेगी, अलका बिष्ट और दीपा गुप्ता सहित कई लोग मौजूद रहे।

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