देहरादून , अप्रैल 16 -- अत्याधुनिक तकनीक आधारित स्वास्थ्य सुविधाएं और कम लागत पर उच्च स्तरीय इलाज का परिणाम है कि उत्तराखंड के देहरादून जनपद अंतर्गत ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ओपीडी की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं पर यह आम लोगों द्वारा जताया गया भरोसा ही है कि वर्ष 2025 में एक साल के दौरान ही एम्स में सात लाख 89 हजार रोगी ओपीडी में देखे गए हैं, जबकि अस्पताल संचालन शुरू होने से अब तक ओपीडी में पंजीकृत कुल रोगियों की यह संख्या 63 लाख से अधिक पहुंच चुकी है।
एम्स की निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने यूनीवार्ता को बताया कि वर्ष 2013 में मैनुअली रजिस्टर में रोगी का नाम अंकित करने से शुरू हुई ओपीडी सेवा वर्तमान में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की तकनीक आधारित प्रक्रिया तक पंहुच चुकी है। उन्होंने बताया कि शुरू में रजिस्टर पर ही रोगी का नाम और पता लिखे जाते थे, लेकिन आज पंजीकरण का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब कंप्यूटर आधारित रोगी पंजीकरण व्यवस्था के साथ ही कोई भी व्यक्ति घर बैठे भी ऑनलाइन डाॅक्टर से अपॉइंटमेंट ले सकता है।
प्रो मीनू सिंह ने बताया कि जैसे जैसे स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हुईं तो ओपीडी में रोगियों की संख्या भी बढ़ती चली गयी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित