देहरादून , मार्च 13 -- उत्तराखंड के देहरादून जनपद अंतर्गत ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में विश्व गुर्दा दिवस के तहत शुक्रवार को मरीजों व तीमारदारों को किडनी रोग से संबंधित विस्तृत जानकारियां दी गई।
इस दौरान चिकित्सकों व नर्सिंग ऑफिसरों द्वारा उन्हें बीमारी के प्रारंभिक लक्षण, संकेत, इस बीमारी से ग्रसित होने से बचाव के एहतियातन उपाय और बीमारी से ग्रसित हो चुके लोगों के लिए जरूरी सावधानियों, खानपान, दिनचर्या से संबंधित जानकारियां दी गई। जबकि नर्सिंग स्टूडेंट्स द्वारा नेफ्रोलॉजी आईपीडी में नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से मरीजों व उनके तीमारदारों को इस बीमारी को लेकर जागरूक किया गया।
गुर्दा रोग विभाग के तत्वावधान में आयोजित जन जागरूकता मुहिम के अंतर्गत, विभाग की आईपीडी (वार्ड) में नर्सिंग विद्यार्थियों ने लोगों को गुर्दे की बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों से अवगत कराया। जबकि नर्सिंग स्टाफ द्वारा मरीजों व उनके तीमारदारों को किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीजों की डाइट संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान उन्होंने बीमारी के प्रति जनमानस में फैली विभिन्न भ्रांतियों (मिथक) को दूर करने के साथ ही उनके द्वारा पूछे गए बीमारी से जुड़े सवालों का निस्तारण भी किया गया। बताया गया कि किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त से अपशिष्ट पदार्थों के अलावा पानी को छानकर मूत्र के जरिए शरीर से बाहर निकालता है। साथ ही यह अंग हमारे शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित रखने, शरीर में सोडियम और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाने, अम्ल व क्षार संतुलन को ठीक रखने आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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