श्रीगंगानगर , जनवरी 03 -- राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बिजली कंपनियों के भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से जुड़े यूनियनों के प्रमुख पदाधिकारियों को एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए आमंत्रित किया है।

सूत्रों ने बताया कि बिजली कंपनियों में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) द्वारा जयपुर में आयोजित हालिया हुंकार रैली का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। विगत 26 दिसंबर को जयपुर में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय इस रैली में बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की लंबित मांगों को जोरदार तरीके से उठाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप अब राज्य सरकार ने सक्रियता दिखाई है।

सूत्रों ने शनिवार को बताया कि यह बैठक पांच जनवरी को अपराह्न तीन बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक की जानकारी आज राज्य के विद्युत प्रभारी मुकेश सोलंकी ने राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश प्रसाद चमोला को दी। श्री चमोला ने बताया कि यह बैठक राजस्थान की ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान उठायी गयी मांगों में वेतन वृद्धि, कार्यस्थल सुधार, पेंशन लाभ और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की मांग अब मंत्री स्तर पर पहुंच चुकी हैं।

बैठक में प्रमुख रूप से राजस्थान प्रदेश भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह डाबी, प्रदेश महामंत्री हरिमोहन शर्मा, राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष लखन गुर्जर, प्रदेश महामंत्री सतीश राठौर और राजस्थान प्रदेश विद्युत प्रभारी मुकेश सोलंकी उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने बताया कि श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ थर्मल पावर स्टेशन से जुड़े राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में वह बैठक में भाग लेंगे। श्री चमोला ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वह उत्पादन निगम के विद्युत कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को ऊर्जा मंत्री के समक्ष मजबूती से रखेंगे। इन मांगों में कार्यस्थल की सुरक्षा, ओवरटाइम भत्ते में वृद्धि, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और सेवा निवृत्ति लाभों में सुधार शामिल हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित