लखनऊ , दिसंबर 10 -- ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को आज एक और बड़ी सौगात मिली है। देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) की तीसरी इकाई का वाणिज्यिक संचालन बुधवार को विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया। जिसका वर्चुअल शुभारंभ केंद्रीय विद्युत मंत्री एवं आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।

1000 मेगावाट क्षमता की इस महत्वपूर्ण परियोजना की पहली दो इकाइयाँ पहले से ही बिजली उत्पादन कर रही हैं। तीसरी इकाई के संचालन से परियोजना की कुल उपयोगी क्षमता और अधिक मजबूत हो गई है। यह तकनीक ऑफ-पीक घंटों में अतिरिक्त बिजली स्टोर करती है और पीक समय पर अधिकतम 1000 मेगावाट तक ऊर्जा उपलब्ध कराती है, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड प्रबंधन को बड़ी मजबूती मिलेगी।

ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि टिहरी परियोजना ऊर्जा संग्रहण और पार्क प्रबंधन का भविष्य है, जिसके कारण सौर एवं पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय स्रोतों को बिना किसी बाधा के ग्रिड से जोड़ना संभव होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि तीसरी इकाई से 25 प्रतिशत बिजली लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा, जिससे राज्य की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। श्री शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर और मजबूत कदम बढ़ाने में मदद करेगी।

ऊर्जा मंत्री ने आशा जताई कि परियोजना की चौथी इकाई का उद्घाटन शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार की किसी भी प्रकार की सहयोग की आवश्यकता पड़ी, तो राज्य पूर्ण तत्परता से अपनी भूमिका निभाएगा।

यह परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और पीकिंग पावर क्षमता को बढ़ाने में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। वेरिएबल स्पीड तकनीक का उपयोग भारत में पहली बार होने के कारण यह परियोजना ऊर्जा नवाचार का उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरी है।

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