नयी दिल्ली , मार्च 31 -- पश्चिम एशिया के निरंतर बदलते घटनाक्रम के बीच सरकार निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति , सुरक्षित समुद्री संचालन, पश्चिम एशिया क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों को जरूरी सहायता पहुंचाने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से समन्वित कदम उठा रही है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को पश्चिम एशिया संकट के कारण उपजी स्थिति से निपटने के लिए उठाये जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि गैस वितरण कंपनियों से पीएनजी कनेक्शनों में तेजी लाने के लिए कहा गया और राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 को 30 जून तक बढ़ाया गया है।
मार्च में 3.1 लाख से अधिक कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की गई और 2.7 लाख से अधिक नए कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं और गैस आपूर्ति की जा रही हैवक्तव्य में कहा गया है कि एक मार्च से प्रतिदिन औसतन 50 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। साथ ही 23 मार्च से अब तक प्रवासी श्रमिकों को 5 किलोग्राम एफटीएल के 3 लाख 20 हजार सिलेंडरों की बिक्री की गयी है। अकेले शनिवार को ही 63 हजार सिलेंडर बेचे गये हैं।
सरकार ने अफवाहों पर नियंत्रण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सही जानकारी प्रसारित करने का आग्रह किया है।
वक्तव्य के अनुसार अब तक 959 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई और पिछले 24 घंटों में 9 की वापसी हुई है। पूरे भारत में बंदरगाह संचालन सामान्य है और किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।
पश्चिम एशिया संकट के शुरू होने के दिन 28 फरवरी से अब तक 5.72 लाख से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं । समूचे पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय मिशनों की हेल्पलाइन चौबीसों घंटे कार्यरत हैं।
वक्तव्य में कहा गया है कि देश में सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। देश में पेट्रोल और डीज़ल का भी पर्याप्त भंडार बना हुआ है। रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।
सरकार ने कहा है कि कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी के उदाहरण देखे गए हैं, जिससे खुदरा आउटलेट पर असामान्य रूप से अधिक बिक्री और भीड़भाड़ हुई है। हालांकि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार ने दोहराया है कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें। अफवाहों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकारों से भी प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सही जानकारी प्रसारित करने का अनुरोध किया गया है।
उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत की 80 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।
संचालित यूरिया संयंत्रों को आपूर्ति अब उनके पिछले 6 महीनों की औसत खपत के लगभग 70-75 प्रतिशत पर स्थिर है। आपूर्ति बनाए रखने और पाइपलाइन संचालन संतुलन के लिए अतिरिक्त एलएनजी कार्गो और पुनर्गैसीकृत एलएनजी (आरएलएनजी) भी जुटाए जा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है लेकिनएलपीजी वितरकों के यहाँ गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं है। उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग 92 प्रतिशत तक बढ़ गई। वितरक स्तर पर गड़बड़ी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड आधारित डिलीवरी फरवरी 2026 के 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 83 प्रतिशत हो गई है। एक मार्च सेसार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा प्रतिदिन औसतन 50 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं।
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