आरा , जनवरी 07 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखते हुए निरंतर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।

कृषि मंत्री श्री यादव ने आज भोजपुर जिले का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान उन्होंने कोईलवर प्रखंड अंतर्गत मै. किसान सेवा केंद्र, सकड़ी एवं मै. मां खाद एवं बीज भंडार, कायमनगर स्थित उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

श्री यादव ने निरीक्षण के क्रम में संबंधित प्रतिष्ठानों को सख्त एवं स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की अधिक मूल्य पर बिक्री, कृत्रिम अभाव अथवा कालाबाजारी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित दर पर समयबद्ध एवं निर्बाध रूप से गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

श्री यादव ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के सभी पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखते हुए निरंतर निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। कालाबाजारी, जमाखोरी एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रत्येक किसान को समय पर, उचित मूल्य पर तथा बिना किसी बाधा के उर्वरक उपलब्ध हो सके।

श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'किसान कल्याण' एवं पारदर्शी व्यवस्था के संकल्प तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुशासन की प्रतिबद्धता के अनुरूप बिहार सरकार किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिये पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था सतत निगरानी में है। कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य वसूली के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उड़नदस्ता दल एवं जिला स्तरीय निगरानी समितियाँ लगातार सक्रिय हैं, जिससे प्रत्येक किसान को उचित मूल्य पर उर्वरक सुलभ हो और कृषि उत्पादन निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।

कृषि मंत्री ने बताया कि वर्तमान में किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि उर्वरक के कालाबाजारी एवं मूल्य पर प्रभावी नियंत्रण के लिये लगातार छापामारी की जा रही है।उन्होने बताया कि रबी, 2025-26 ( 07 जनवरी, 2026 तक) में अनियमितता के विरूद्ध 38 उर्वरक प्रतिष्ठान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है एवं कुल 104 उर्वरक प्रतिष्ठानों का उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किया गया है। उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापामारी के लिये मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित है। उड़नदस्ता दल द्वारा प्राप्त शिकायत पर लगातार छापामारी की जा रही है।

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