जालौन , फरवरी 14 -- उत्तर प्रदेश में जालौन के जिला कारागार उरई में शनिवार दोपहर पास्को एक्ट में बंद एक विचाराधीन कैदी ने जेल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

जिला कारागार अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि मृतक की पहचान मनोज कुमार, निवासी जनपद हमीरपुर के रूप में हुई है, जो मार्च 2025 से जिला कारागार उरई में निरुद्ध था। उसके विरुद्ध कोतवाली कालपी में पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। शनिवार को दोपहर करीब दो बजे उसने बैरक में बंद अन्य कैदियों से शौचालय जाने की बात कहकर बाथरूम में प्रवेश किया।

करीब 10 से 15 मिनट तक वापस न लौटने पर ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को संदेह हुआ। जब उन्होंने बाथरूम में जाकर देखा तो कैदी छत से लटका मिला। बताया गया कि छत का प्लास्टर गिरने से सरिया बाहर निकले हुए थे, जिनमें उसने अपने गमछे को बांधकर फांसी लगा ली थी।

सिपाहियों ने तत्काल गमछा काटकर उसे नीचे उतारा और जेल प्रशासन को सूचना दी। प्राथमिक उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल उरई ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी के पास गमछा कैसे पहुंचा और आत्महत्या के कारणों की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी जेल कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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