श्रीनगर , जनवरी 15 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान में चल रही उथल-पुथल के बीच वहां फंसे देश-प्रदेश के सैकड़ों छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की है।
श्री अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने डॉ. जयशंकर से बात की, जिन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश के छात्रों और दूसरे निवासियों की जान और हितों की सुरक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "ईरान में बदलते हालात के बारे में अभी विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर जी से बात की। उन्होंने ज़मीनी हालात और विदेश मंत्रालय जिन योजना पर काम कर रहा है, उनके बारे में अपनी बात साझा की। मैं उनके इस भरोसे के लिए शुक्रगुजार हूं कि ईरान में अभी जम्मू-कश्मीर के छात्रों और दूसरे प्रदेशों के लोगों की जान और हितों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।''ईरान में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों के माता-पिता ने केंद्र से अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की अपील की है। कई माता-पिता श्रीनगर के सिटी सेंटर में भी इकट्ठा हुए और सरकार से तुरंत दखल देने की अपील की।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी केंद्र से छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत दखल देने की अपील की।
सुश्री मुफ्ती ने एक्स पर कहा, "कश्मीर समेत देश भर के हजारों छात्र मौजूदा खराब हालात के बीच ईरान में फंसे हुए हैं। इससे भय और चिंता पैदा हो गई है और माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहुत परेशान हैं। डॉ. एस जयशंकर और विदेश मंत्रालय से उन्होंने तुरंत दखल देने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील करती हूं।"जम्मू - कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने कहा कि उसने यह मामला विदेश मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय दोनों के सामने उठाया है, और उन्हें भरोसा मिला है कि हालात पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और लोगों को निकालने की कोशिशें की जा रही हैं।
जेकेएसए ने एक बयान में कहा, ''हमें दोनों कार्यालयों से भरोसा मिला है कि हालात पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय इस मामले पर सक्रिय रुप से काम कर रहा है। भारतीय छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी पक्का करने की कोशिशें चल रही हैं।''बयान में कहा गया है कि ईरान में कई यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उन्हें बताया है कि भारतीय दूतावास ने उनकी निजी जानकारी और पासपोर्ट इकट्ठा कर लिए हैं, जो मिलकर मदद करने के लिए तैयारी की तत्परता को दर्शाता है।
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