हमीरपुर , दिसम्बर 27 -- उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के कुरारा क्षेत्र के उमराहट गांव में दो दिसम्बर को पुलिस टीम के साथ मारपीट व पुलिस द्वारा ग्रामीणो पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाही के चलते शनिवार को चौकी इंचार्ज हरौलीपुर को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

भाजपा के सदर विधायक डा मनोज प्रजापति ने शनिवार को बताया कि दो दिसम्बर को उमराहट गांव के चौकीदार शत्रुध्न व ग्रामीण छोटेलाल निषाद के मध्य विवाद हो गया था, विवाद को लेकर चौकीदार हरौलीपुर पुलिस चौकी रिपोर्ट दर्ज कराने गया। इस पर चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह व सिपाही आशीष मौर्य जांच करने गये, तभी ग्रामीणों व पुलिस के मध्य विवाद हो गया और ग्रामीणो ने सिपाही को जमकर मारा पीटा। उसे गंभीर हालत मे कानपुर रिफर करना पडा जिसका इलाज आज भी चल रहा है।

घटना के बाद पुलिस ने 19 नामजद व 40 अज्ञात लोगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस 19 में 14 लोगो को जेल भिजवा चुकी है जिसमे आठ महिलाएं भी शामिल है। डा. प्रजापति व भाजपा जिलाध्यक्ष शंकुतला निषाद ने शनिवार को पीडित ग्रामीणो से मुलाकात की। ग्रामीणो ने बताया कि पुलिस के भय से वह खेत खलिहान में काम नही कर पा रहे है। पुलिस उनका सारा समान उठा ले गयी है।

विधायक ने पुलिस अधीक्षक दीक्षा शर्मा ने मामले पर बातचीत कर कहा कि इस मामले में किसी ग्रामीण को परेशान न किया जाये जो अज्ञात लोग है उन पर कोई कार्यवाही नही की जाये। कोई भी निर्दाेष न फंसने पाये तीन दिन के अन्दर जो सामान पुलिस उठा लायी है उसे हर हाल में वापस कराया जाये।

सीओ सदर राजेश कमल ने बताया कि इसी मामले में चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर उनके स्थान पर चंद्रभान उपनिरीक्षक को नियुक्त कर दिया गया है। विधायक ने कहा कि पीडितो को न्याय नही मिला तो वह उच्चाधिकारियो से मिलकर जांच करायेगे। जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद ने कहा कि पीडितो को हर हाल में मदद की जायेगी। किसी के साथ अन्याय नही होने दिया जायेगा।

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