जगदलपुर , फरवरी 06 -- छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव ने शुक्रवार को बस्तर के कुम्हड़ाकोट में निर्मित 'जनजातीय गौरव वाटिका' का लोकार्पण किया।
तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी यह वाटिका अब जनता के लिए समर्पित है। यह स्थल बस्तर की जनजातीय विरासत और नैसर्गिक सौंदर्य को एक साथ प्रदर्शित करेगा।
आज जिला पीआरओ से मिली जानकारी के अनुसार,लोकार्पण समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, सीसीएफ आलोक तिवारी, स्टायलो मंडावी और संचालक कांगेर वैली सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आगंतुकों ने वाटिका का अवलोकन किया।
वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि 25 एकड़ में फैली इस वाटिका को शुरू में एक हेल्थ पार्क के रूप में योजनाबद्ध किया गया था। इसमें 1700 मीटर का वॉकिंग ट्रेल, योगा शेड, योगा जोन, ओपन जिम, 'गपशप जोन' और पारिवारिक आयोजनों के लिए पाँच पगोड़ा बनाए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इन सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने वाटिका की 'इको-फ्रेंडली' नीति और 'प्लास्टिक फ्री जोन' को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वाटिका में एक सुंदर तालाब और आइलैंड भी है।
वन विभाग भविष्य में यहां ट्री-हाउस और एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने की योजना बना रहा है। प्रवेश द्वार पर भव्य पार्किंग और प्रसाधन की व्यवस्था भी की गई है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने विभिन्न स्व-सहायता समूहों को एक करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक के चेक वितरित किए। 'वृत्त स्तरीय चक्रीय निधि' के तहत महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक करोड़ 20 लाख 13 हजार रुपये का ऋण दिया गया। बकावण्ड के 'मां धारणी करणी समूह' को काजू प्रसंस्करण के लिए 50 लाख रुपये, आसना के 'गोधन समूह' को गाय पालन के लिए 34 लाख रुपये मिले। इमली संग्रहण और दोना-पत्तल निर्माण से जुड़े समूहों को भी सहायता राशि दी गई।
उपमुख्यमंत्री ने 'राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना' के तहत कुरंदी निवासी कमलोचन नाग को उनकी पत्नी के आकस्मिक निधन पर दो लाख रुपये की बीमा राशि का चेक भी सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने महिला समूहों से उनकी उत्पादन एवं विपणन गतिविधियों पर चर्चा की।
इस पहल के साथ 'जनजातीय गौरव वाटिका' बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक नए आकर्षण के रूप में उभरी है और स्थानीय आजीविका को मजबूती देने का केंद्र बन गई है।
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