लखनऊ , जनवरी 9 -- निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची जारी किए जाने के बाद राज्य में सियासी दलों ने बूथ स्तर पर मतदाता जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। मसौदा सूची में 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने के बाद एक माह की दावे एवं आपत्तियां (क्लेम्स एंड ऑब्जेक्शंस) अवधि के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने पर जोर दिया जा रहा है। यह अवधि छह फरवरी तक चलेगी।

अधिकारियों की मानें तो इस प्रक्रिया में विशेष रूप से उन नए युवा मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिन्होंने एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी की है। इसके अलावा, वे मतदाता जिनके नाम दस्तावेजों की कमी, अनमैप्ड स्थिति या गणना के दौरान बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) को अनुपस्थित या अप्राप्य पाए जाने के कारण हटाए गए थे, उन्हें भी दोबारा जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मतदाता नामांकन के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) ने अन्य दलों पर स्पष्ट बढ़त बना ली है। भाजपा ने अब तक 1121 आवेदन जमा किए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने 26 और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने केवल 19 आवेदन दिए हैं।

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों और घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी इस फॉर्म के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण में 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) प्रतिदिन 10 फॉर्म तक जमा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के तहत 27 फरवरी तक इन दावों और आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित होगी।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी ने उन पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर पूरी मशीनरी सक्रिय कर दी है, जिनके नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं हो पाए। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची की प्रतियां दी गई हैं और सभी मोर्चों व प्रकोष्ठों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बीएलओ के साथ समन्वय कर सूची की समीक्षा करें। पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर न्यूनतम 200 मतदाताओं के नाम जुड़वाने का लक्ष्य तय किया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पिछले महीने पार्टी की एक बैठक में लापता मतदाताओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने 14 दिसंबर को कहा था, "ये आपके विरोधियों के मतदाता नहीं हैं, इनमें से 85 से 90 प्रतिशत हमारे मतदाता हैं।"भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एसआईआर के दूसरे चरण में मतदाता नामांकन पर विशेष ध्यान देने की अपील की है ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित