लखनऊ , अप्रैल 10 -- उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इस व्यापक अभियान के दौरान प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से डिलीट किए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को कर दिया गया है। यह प्रक्रिया पूरे देश में एक साथ संचालित की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गणना चरण 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चला, जबकि दावे और आपत्तियों के लिए 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक का समय दिया गया था। इसके बाद 27 मार्च तक सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया गया।

रिनवा ने कहा कि कोई भी मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपना नाम देख सकता है। जिनका नाम सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर पुनः पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, बूथ लेवल एजेंटों और आम जनता का व्यापक सहयोग मिला। साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया ने भी जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि 166 दिनों तक चले इस अभियान को सफल बनाने में प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 12,758 सहायक अधिकारियों, 18,026 बीएलओ सुपरवाइजरों और 1,77,516 बीएलओ ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों ने भी सहयोग दिया।

रिनवा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची के अनुसार कुल मतदाता 13,39,84,792 हैं जिसमे पुरुष मतदाता 7,30,71,061 (54.54%) और महिला मतदाता: 6,09,09,525 (45.46%) हैं।

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