लखनऊ , नवंबर 13 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने सामाजिक आधार को विस्तार देने और हिंदुत्व के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुँचाने के उद्देश्य से एक बड़े देशव्यापी जनसंपर्क अभियान की तैयारी में जुटा हुआ है। संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में यह अभियान विशेष रूप से व्यापक होगा। राज्य के छह संघटनात्मक क्षेत्रों में संघ के कार्यकर्ता एक करोड़ से अधिक घरों तक पहुँचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार संघ का यह 'गृह संपर्क अभियान' 20 नवंबर से शुरू होकर 21 दिसंबर तक चलेगा, जिसके दौरान 25 लाख से अधिक स्वयंसेवक देशभर में घर-घर जाकर संपर्क करेंगे और संघ की विचारधारा से संबंधित साहित्य वितरित करेंगे।

संघ के सूत्रों के अनुसार, स्वयंसेवक इस अभियान के तहत लोगों को 'भारत माता' के पोस्टर, पुस्तिकाएँ और पर्चे वितरित करेंगे, जिनमें आरएसएस की विचारधारा, उद्देश्य, कार्यसंरचना और सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य का विस्तार से उल्लेख होगा।

अभियान में संघ का प्रमुख फोकस उसके 'पंच परिवर्तन' कार्यक्रम पर रहेगा, जिसमें पाँच मुख्य विषय परिवार मूल्य, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आत्मनिर्भरता, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता शामिल हैं । स्वयंसेवक घर-घर जाकर इन विषयों पर लोगों को जागरूक करेंगे।

यह अभियान ऐसे समय में आ रहा है जब आरएसएस अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। संघ सूत्रों के मुताबिक, यह अवसर न केवल प्रतीकात्मक है बल्कि संगठन को नई ऊर्जा और जनसंपर्क का व्यापक अवसर भी देगा। अभियान की रूपरेखा का संकेत आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसी वर्ष जून में कानपुर प्रवास के दौरान दिया था। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की थी कि वे परिवारों तक पहुँचें और समाज में समानता, एकता और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करें।

संघ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह अभियान सामाजिक संपर्क के साथ-साथ जनमत निर्माण और मतदाताओं के रुझान पर भी असर डाल सकता है, खासतौर पर उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले। इस अभियान से संगठन को घर-घर का डेटा, स्थानीय इनपुट और जमीनी स्तर पर संपर्क नेटवर्क मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में सामाजिक अभियानों और संगठनात्मक विस्तार को नई गति मिलेगी।

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