लखनऊ , जनवरी 07 -- उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में निर्णायक माने जा रहे आगामी सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह अभियान प्रदेश के 21 जनपदों के 64 प्रखंडों में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति फाइलेरिया रोधी दवा खाने से वंचित न रहे।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने सभी संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए उनका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के 51 जिलों के 782 फाइलेरिया प्रभावित प्रखंडों में से 718 प्रखंडों में संक्रमण दर एक प्रतिशत से नीचे लाने में सफलता मिली है। इसी कारण इस वर्ष केवल 64 प्रखंडों में ही आईडीए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। संक्रमण दर में आई कमी को देखते हुए अब यह अभियान साल में एक बार ही संचालित किया जाएगा।
अभियान के तहत सबसे अधिक शाहजहांपुर के 13 प्रखंड शामिल किए गये हैं। इसके बाद बलिया के 12, बाराबंकी के सात, जबकि उन्नाव और चित्रकूट के चार-चार ब्लॉक शामिल हैं। इसके अलावा प्रतापगढ़ में तीन, हरदोई, प्रयागराज, सोनभद्र, कौशांबी, अयोध्या और भदोही में दो-दो ब्लॉकों में दवा सेवन कराया जाएगा।
वहीं लखनऊ (माल ब्लॉक) सहित रायबरेली, अंबेडकरनगर, खीरी, पीलीभीत, औरैया, बांदा, फतेहपुर और बहराइच में एक-एक ब्लॉक में फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के लिए माइक्रोप्लानिंग अनिवार्य रूप से की जाए। प्रत्येक कार्य दिवस में हर टीम को कम से कम 25 घरों में जाकर दवा सेवन सुनिश्चित करना होगा।
इसके साथ ही अभियान से पहले जिला और प्रखंड स्तरीय रैपिड रेस्पांस टीम का गठन करने को कहा गया है, जो दवा सेवन के बाद होने वाले किसी भी प्रतिकूल प्रभाव का त्वरित समाधान करेगी। उन्होंने आईडीए अभियान से पूर्व अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं।
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