लखनऊ , जनवरी 08 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में शिक्षा को अधिक जीवंत, व्यवहारिक और समुदाय से जोड़ने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर वार्षिकोत्सव एवं खेल उत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में यह आयोजन जनवरी माह के अंत तक प्रदेश के एक लाख 32 हजार से अधिक विद्यालयों में संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए सरकार ने19.80 करोड़ की धनराशि जारी की है।
इस पहल के तहत प्रदेश के लगभग 1.31 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 केजीबीवी में सांस्कृतिक, शैक्षिक और खेलकूद गतिविधियों का आयोजन होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्यक्रम अब तक के सबसे बड़े शैक्षिक-सांस्कृतिक अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय इकाई के रूप में विकसित करना है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल पाठ्यपुस्तकों से संभव नहीं है। शिक्षा को संस्कार, संस्कृति और खेल से जोड़कर ही बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना का विकास किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल से विद्यालयों में नामांकन, नियमित उपस्थिति और बच्चों के ठहराव (रिटेंशन) में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मक और बौद्धिक प्रतिभा को मंच देने के लिए नाटक, भाषण, कहानी लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रमों का मुख्य विषय शिक्षा का महत्व, नियमित उपस्थिति और आउट ऑफ स्कूल बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना रहेगा। साथ ही उच्च प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा 'लर्निंग बाय डूइंग' के अंतर्गत तैयार शिक्षण सामग्री की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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