कोल्लम (केरल) , नवंबर 03 -- उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को कॉयर के पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी अनुकूल गुणों को रेखांकित करते हुए विश्वस्तर पर भारतीय कॉयर उद्योग की पहचान स्थापित करने का सम्मिलित प्रयास किये जाने पर बल दिया।

कोल्लम में फेडरेशन ऑफ इंडियन कॉयर (नारियल रेशा उत्पाद) एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों की सभा में श्री राधाकृष्णन ने कहा कि विश्व बाजार में स्वस्थ उत्पादों के प्रति बढ़ती जागरूकता, कॉयर उद्योग के लिए अवसर है1उन्होंने पारिस्थितिकी दृष्टि से स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों की ओर वैश्विक बदलाव से उत्पन्न अवसरों करते हुए भारतीय कॉयर उत्पादों की ब्रांडिंग, गुणवत्ता और इनके बाज़ार के विस्तार के लिए पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ मिलाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

निर्यातकों को एकजुट करने, हितों की रक्षा करने और वैश्विक बाज़ारों में भारतीय कॉयर की मज़बूत उपस्थिति सुनिश्चित करने में एसोसिएश की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए, उपराष्ट्रपति ने हितधारकों को "भारतीय कॉयर" को दुनिया भर में स्थिरता, गुणवत्ता और नवाचार का पर्याय बनाने के लिए साझेदारी की भावना को और मज़बूत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

श्री राधाकृष्णन ने भारतीय कॉयर उद्योग को वैश्विक मंच पर लाने में निर्यातकों और हितधारकों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। श्री राधाकृषणन कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। एसोसिएशन के के सदस्यों ने कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष (2016-2020) के रूप में उनके कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि इस अवधि के दौरान निर्यात दोगुना हो गया था।

श्री राधाकृष्णन ने विश्वास व्यक्त किया कि मजबूत नेतृत्व और सतत सहयोग के साथ, कॉयर उद्योग नये मुकाम हासिल करते हुए, विश्व स्तर पर चमकेगा और भारतीय शिल्प कौशल की स्थायी भावना का उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

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