जयपुर , अप्रैल 22 -- उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में राजस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में देश के बड़े राज्यों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को यहां कहा कि राज्य को यह उपलब्धि उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में बजटीय प्रावधान, आधारभूत ढांचा निर्माण, मानव संसाधन, कार्यभार प्रबंधन सहित 11 मापदंडों पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और विभागीय नेतृत्व में उपभोक्ता मामले विभाग प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है। यह उपलब्धि विभाग के सतत प्रयासों तथा प्रभावी एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली का परिणाम है।

श्री गोदारा ने उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दिसम्बर 2023 से विभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। राज्य एवं सभी जिलों में उपभोक्ता आयोगों में सदस्यों की भर्ती पूर्ण पारदर्शिता के साथ लिखित परीक्षा के माध्यम से की गई। नवाचार के रूप में राज्य एवं जिला आयोग में परिवाद निस्तारण के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।

श्री गोदारा ने कहा कि राज्य में उपभोक्ता आयोगों के लिए नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा सके। इसके साथ ही, बजट घोषणा के क्रियान्वयन में उपभोक्ता अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की सुविधा शुरू कराई जा रही है, जिससे दूरदराज के उपभोक्ताओं को भी आसानी से न्याय मिल सके। इन सुधारों से न्याय प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध बनी है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में और सुधार किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से राजस्थान उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में और भी ऊंचाइयों को छुएगा और उपभोक्ताओं का विश्वास और मजबूत होगा।

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