नयी दिल्ली , जनवरी 10 -- केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापार व्यवहार के मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए देश भर में 27 रेस्तरां के खिलाफ कार्रवाई की है।

यह कार्रवाई इन रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलने से संबंधित है। इन रेस्तरां पर जुर्माना भी लगाया गया है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और जन वितरण मंत्रालय ने शनिवार को यहां बताय कि यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के गत वर्ष के उस निर्णय के बाद की गई है, जिसमें सेवा शुल्क लगाने से संबंधित दिशानिर्देशों को बरकरार रखा गया था। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलना कानून के विपरीत है और सभी रेस्तरां के लिए दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। न्यायालय ने यह भी पुष्टि की थी कि उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण दिशानिर्देशों को कानून के अनुसार लागू करने के लिए पूरी तरह अधिकृत है।

इन दिशा निर्देशों के अनुसार कोई भी होटल या रेस्तरां भोजन के बिल में स्वतः या डिफॉल्ट रूप से सेवा शुल्क नहीं जोड़ सकता, सेवा शुल्क किसी अन्य नाम से भी वसूल नहीं किया जा सकता, उपभोक्ताओं को सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और उन्हें स्पष्ट रूप से सूचित किया जाएगा कि यह स्वैच्छिक और वैकल्पिक है। इसके अलावा सेवा शुल्क देने से इनकार करने पर प्रवेश या सेवाओं की आपूर्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। साथ ही सेवा शुल्क को बिल में जोड़कर उस पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगामंत्रालय ने कहा है कि जांच में यह सामने आया है कि कई रेस्तरां जिनमें कैफे ब्लू बॉटल, पटना और चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोरा बोरा), मुंबई शामिल हैं, ग्राहकों के बिल में स्वतः 10 प्रतिशत सेवा शुल्क जोड़ रहे थे। यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और प्राधिकरण के दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है जिन्हें अब दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा भी वैध ठहराया जा चुका है।

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