अम्बिकापुर, अप्रैल 12 -- छत्तीसगढ़ के सरगुजा में उन्नत कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल सामने आयी है, जिसमें छोटे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस पहल के तहत उन्नत बीजों और ग्राफ्टेड सब्ज़ी पौधों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना जताई गई है।

पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के मुताबिक जिले में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के कृषि फार्म पर आधुनिक पद्धतियों से सब्ज़ी उत्पादन के लिए उन्नत किस्म के बीज और ग्राफ्टेड पौधों का विकास किया जा रहा है। इस प्रकार की खेती से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार होता है, जिससे बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है।

श्री सिंहदेव का मानना है कि देश में अधिकांश किसान एक से 2.5 एकड़ तक की सीमित भूमि पर खेती करते हैं। पारंपरिक फसलों जैसे धान और गेहूं पर निर्भरता के कारण उनकी वार्षिक आय अपेक्षाकृत कम रहती है, जिससे परिवार का समुचित भरण-पोषण चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में फसल विविधीकरण और सब्ज़ी आधारित उन्नत खेती को आय बढ़ाने का प्रभावी विकल्प माना जा रहा है।

इस पहल के तहत किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली सब्ज़ियों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अनुमान है कि इस मॉडल को अपनाने से किसानों की आय में कई गुना वृद्धि संभव है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

कृषि क्षेत्र में इस प्रकार के प्रयासों को छोटे और सीमांत किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उन्होंने पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष के खेतों में मिनी ट्रैक्टर भी चलाया।

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