चित्तौड़गढ़ , जनवरी 04 -- राजस्थान में चित्तौड़गढ़ में सोमवार से आयोजित हो रही राष्ट्रीय विद्यालय हैंडबॉल प्रतियोगिता की दो महीने पहले ही स्वीकृति दे दी, लेकिन अब तक 15 लाख रूपये का स्वीकृत बजट आयोजकों को नहीं मिला है।

आयोजन समिति के संयोजक जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने रविवार को बताया कि इसके चलते आयोजक समिति अध्यापकों और भामाशाहों के आगे हाथ फैलाकर विभाग की प्रतिष्ठा को बचाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस बारे में सांसद एवं जिला कलेक्टर को भी अवगत करवा दिया, लेकिन अब तक एक पैसा नहीं मिल पाया।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से जुड़े भारतीय विद्यालय खेल महासंघ (एसजीएफआई) ने करीब दो महीने पहले इस पांच दिवसीय आयोजन की स्वीकृति दे दी, लेकिन बजट नहीं दिया। कई बार पत्र व्यवहार करने के बावजूद स्थिति जस की तस रहने पर पिछले महीने आयोजन समिति से जुड़े शिक्षकों ने आयोजन के प्रारम्भिक खर्च के लिए अपनी ओर से पांच लाख रूपये एकत्र करने के साथ सांसद चंद्रप्रकाश जोशी एवं जिला कलेक्टर आलोक रंजन से आग्रह करके जिले के औद्योगिक घरानों से सहयोग करवाने को कहा, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ।

श्री शर्मा ने बताया कि हाल ही में अन्य व्यवस्थाओं के लिए चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभानसिंह से आग्रह करने पर उन्होंने हिंदुस्तान जिंक एवं आदित्य सीमेंट प्रबंधन से कहकर प्रतियोगिता के लिए खेलकूद सामग्री, पोशाकें, जूतें एवं अन्य व्यवस्थाएं करवा दी हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को ठहराव स्थल से प्रतियोगिता स्थल तक लाने ले जाने के लिए परिवहन विभाग ने पहले हां कर दी, लेकिन अब एन मौके पर मना कर दिया। इससे अब आनन फानन में व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। शिक्षा विभाग को इस बड़े आयोजन में सरकार के तंत्र से कोई सहयोग नहीं मिलने के बावजूद अब न केवल अपनी बल्कि सरकार की प्रतिष्ठा बचाने के लिए स्वयं को ही बजट से लेकर समस्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं।

इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए देश भर से छा़त्रों की 33 एवं छात्राओं की 32 टीमों के 1200 खिलाड़ी और उनके प्रशिक्षक शनिवार को यहां आ चुके हैं जिनके लिए पांच दिन भोजन एवं ठहरने की व्यवस्थाएं विभाग ने फिलहाल उधारी पर करवा दी है।

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