पटना , जनवरी 22 -- भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2025 बैच के पांच प्रशिक्षु अधिकारियों ने गुरूवार को बिहार भ्रमण के दौरान उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से मुलाकात की।
भारतीय विदेश सेवा 2025 बैच के पांच प्रशिक्षु अधिकारी का बिहार भ्रमण के दौरान बिहार उद्योग विभाग द्वारा स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश के अवसरों तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई।
उद्योग विभाग के मुख्यालय में उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए पारदर्शी नीतियाँ, बेहतर बुनियादी ढांचा और उद्यम-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रशिक्षु पदाधिकारियों को उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार द्वारा पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार के औद्योगिक परिदृश्य का समग्र परिचय दिया गया। प्रस्तुतीकरण में औद्योगिक नीति, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं तथा आगामी परियोजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस दौरान उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण एवं चर्चा के माध्यम से यह समझा कि किस प्रकार बिहार में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, कौशल विकास और नवाचार के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने राज्य की औद्योगिक विकास रणनीति में विशेष रुचि व्यक्त की।
भारतीय विदेश सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी बिहार सरकार के साथ 19 से 23 जनवरी तक आयोजित एक समग्र अभिमुखीकरण कार्यक्रम के तहत बिहार भ्रमण पर हैं। यह कार्यक्रम सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान, नई दिल्ली के निर्देशानुसार आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य को बेहतर रूप से समझने के साथ-साथ औद्योगिक विकास, निवेश अवसरों, नवाचार एवं रोजगार सृजन की संभावनाओं से अवगत कराना है।
भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों की यह यात्रा राज्य की विकास योजनाओं, निवेश संभावनाओं एवं औद्योगिक प्रगति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने में सहायक सिद्ध होगी तथा भविष्य में बिहार की आर्थिक प्रगति को नई गति देगी।
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