जयपुर , मार्च 04 -- राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने उद्योगों में सुरक्षा संस्कृति अपनाने को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा है कि सुरक्षित कार्यस्थल औद्योगिक विकास की आधारशिला है।
डा बैरवा बुधवार को राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम-रीपा) में 55वें राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस राज्य स्तरीय समारोह मुख्य अतिथि के रुप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत-2047" के विजन को साकार करने के लिए सुरक्षित और सुदृढ़ औद्योगिक वातावरण अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल न केवल श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाने और देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का उद्देश्य उद्योगों और संस्थानों में कार्यरत लोगों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत करना है।
उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से आधुनिक तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेंसर आधारित निगरानी और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे उपायों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से संभावित खतरों की समय रहते पहचान कर दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकता है और कार्यस्थलों पर सुरक्षा संस्कृति को और सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन, संभावित खतरों का समय रहते आकलन तथा आधुनिक तकनीकों का उपयोग दुर्घटनाओं की रोकथाम में अत्यंत सहायक है। उन्होंने उद्योगों से श्रमिकों और कर्मचारियों को नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण देने और कार्यस्थलों को सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की। इस अवसर पर उनके द्वारा सुरक्षा जागरूकता पर आधारित पुस्तिका का ई-विमोचन भी किया गया।
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