मुंबई , जनवरी 04 -- शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को मांग की कि राज्य चुनाव आयोग उन नगर निगम वार्डों के परिणाम रद्द करे जहाँ उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं और वहाँ नए सिरे से चुनाव कराए जाएँ।
श्री ठाकरे की यह मांग विभिन्न वार्डों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के 68 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के बाद आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 जनवरी को होने वाले निकाय चुनावों से पहले लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को गंभीर नुकसान पहुँचाया गया है।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख मध्य मुंबई के दादर स्थित शिवसेना भवन में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाक्रम चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर चिंता पैदा करते हैं।
श्री ठाकरे ने लोकतांत्रिक मानदंडों को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने का दावा करते हुए टिप्पणी की कि 'देश में ऐसा माहौल हो गया है कि लोकतंत्र की जगह अब भीड़तंत्र ने ले ली है'। उन्होंने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने और निकाय चुनावों में सभी को समान अवसर सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
यह मुद्दा एक वायरल वीडियो के आने के बाद और गरमा गया है, जिसमें कथित तौर पर महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर नामांकन प्रक्रिया के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। श्री ठाकरे ने इस फुटेज को चौंकाने वाला बताया और अध्यक्ष के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
श्री ठाकरे ने मांग की, "विधानसभा अध्यक्ष जैसे पद पर बैठे राहुल नार्वेकर द्वारा उम्मीदवारों और मतदाताओं को खुलेआम धमकाना बेहद गंभीर है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।" उन्होंने श्री नार्वेकर पर 'उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित कराकर मतदाताओं से उनके वोट देने का अधिकार छीनने' का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की भी मांग की।
इस विवाद ने विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने भी नामांकन प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
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