उदयपुर , जनवरी 08 -- राजस्थान में प्रमुख पर्यटन नगरी उदयपुर को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृति से मुक्त करने के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत शहर के करीब 500 से अधिक प्रतिष्ठानों.दुकानों के संचालकों ने सकारात्मक सहयोग प्रदान करके अपने प्रतिष्ठानों को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति मुक्त प्रतिष्ठान घोषित किया है।
जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं बाल अधिकारिता विभाग, उदयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर के साझा प्रयास से पर्यटन नगरी, उदयपुर को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृति से मुक्त करने के लिए एक जनवरी से 31 मार्च तक "स्माइल उदयपुर" अभियान चलाया गया। इसके तहत जनवरी के प्रथम सप्ताह में शहर के प्रमुख पर्यटक स्थलों एवं प्रमुख मंदिर क्षेत्र में बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्प लाईन, मानव तस्करी विरोधी इकाई एवं प्रमुख स्वयं सेवी संस्था, बाल सुरक्षा नेटवर्क, गायत्री सेवा संस्थान, आजीविका ब्यूरो, महिला सुरक्षा अनुसंधान केन्द्र आदि द्वारा व्यापक रूप से अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत शहर के मुख्य चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर, स्टीकर चस्पा कर आमजन को जागरूक भी किया गया।
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