उदयपुर , फरवरी 09 -- राजस्थान में उदयपुर में सौर वेधशाला के स्वर्ण जयंती वर्ष के क्रम में 10 से 13 फरवरी तक थर्ड स्पेस उदयपुर में 'सूर्य की ऊँचाई का अन्वेषण' विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा।
वेधशाला के निदेशक शिबू मैथ्यू ने सोमवार को बताया कि यह सम्मेलन विशेषज्ञों को उन्नत दूरबीनों और अंतरिक्ष अभियानों से प्राप्त सौर वायुमंडलीय घटनाओं के निष्कर्षों को साझा करने और सौर भौतिकी में भविष्य की दिशाओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। कार्यशाला में भारत और विदेश के करीब 100 प्रतिष्ठित सौर भौतिकविदों के शामिल होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को उद्घाटन सत्र में इसरो और अंतरिक्ष आयोग के पद्मश्री ए एस किरण कुमार का संबोधन होगा। डॉ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सम्मानित अतिथि होंगे। प्रो अनिल भारद्वाज स्वागत भाषण देंगे। प्रो भुवन जोशी वेधशाला का ऐतिहासिक अवलोकन प्रस्तुत करेंगे।
श्री मैथ्यू ने बताया कि उदयपुर सौर वेधशाला सौर भौतिकी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बन गई है। इस वर्ष का यह मील का पत्थर दोहरा महत्व रखता है, क्योंकि यह बहु-अनुप्रयोग सौर दूरबीन (मास्ट) की 10वीं वर्षगांठ भी है, जो भारत की सबसे बड़ी और सबसे उन्नत सौर अवलोकन सुविधा है।
उन्होंने बताया कि वेधशाला का प्राथमिक उद्देश्य सौर गतिशीलता की समझ को आगे बढ़ाना है जिसमें सूर्य की वायुमंडलीय परतों के बीच होने वाली अंतः क्रियाएं शामिल हैं। इसका व्यापक लक्ष्य पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष मौसम के प्रभावों को स्पष्ट करना और यह आकलन करना है कि सौर चुंबकीय क्षेत्र किस प्रकार स्थलीय और अंतरिक्ष आधारित प्रौद्योगिकियों को प्रभावित करते हैं।
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