ठाणे , दिसंबर 31 -- वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और पार्टी का प्रमुख उत्तर भारतीय चेहरा कृपाशंकर सिंह ने बुधवार को बड़ा दावा कर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि मीरा-भयंदर समेत महायुति गठबंधन सभी 29 नगर निगमों में बहुमत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन इतने अधिक पार्षद चुनेगा कि महापौर का पद उत्तर भारतीय उम्मीदवार को मिलेगा।
श्री सिंह के बयान पर विपक्षी दलों, खासकर शिवसेना (यूबीटी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उसने भाजपा पर मराठी पहचान का अपमान करने का आरोप लगाया है। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान निकाय चुनावों में महापौर का पद प्रमुख विवाद का केंद्र बन गया है।
भाजपा ने मुंबई में खान या शेख जैसे उपनाम वाले उम्मीदवारों के महापौर बनने का डर जताया है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने बार-बार दावा किया है कि केवल मराठी ही महापौर बनेगा।
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, मुंबई उत्तर भारतीय महासंघ ने खुले तौर पर मुंबई में एक उत्तर भारतीय मेयर देखने के अपने संकल्प को व्यक्त किया है और भाजपा-शिवसेना को 'एक ही सिक्के के दो पहलू' बताया है।
इस बीच, एआईएमआईएम नेता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने चुनिंदा आक्रोश पर सवाल उठाते हुए पूछा, " अगर कोई शेख, पठान या कुरैशी मेयर बन जाता है, तो इसमें क्या गलत है? "श्री पठान ने एक कदम आगे बढ़कर दावा किया कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला महापौर का पद संभालेगी।
इसके उलट कृपाशंकर सिंह की टिप्पणी ने विवाद और बढ़ा दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता सचिन अहीर ने श्री सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनका बयान मराठी समुदाय का अपमान है।
श्री अहीर ने चेतावनी दी कि इस 'अहंकार' का जवाब चुनाव में मिलेगा।
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