लखनऊ , जनवरी 6 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मंगलवार को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की प्रस्तावित बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। नए साल में सरकार जनता को एक और बड़ी राहत देने की तैयारी में है।

सूत्रों के मुताबिक, आवासीय और कृषि भूमि के बाद अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी गिफ्ट डीड के दायरे में लाने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो औद्योगिक और व्यवसायिक संपत्तियों की रजिस्ट्री भी परिजनों के नाम महज पांच हजार रुपये के स्टांप शुल्क पर कराई जा सकेगी। यह फैसला उद्योग जगत और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

बैठक में उद्योग विभाग द्वारा तैयार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की गाइडलाइन पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा पीलीभीत में बस स्टेशन निर्माण के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है। 500 रुपये तक के स्टांप पर यूजर चार्ज तय करने और प्रदेश में सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना को लेकर भी अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। कुल मिलाकर, मंगलवार की कैबिनेट बैठक से सरकार की नीतिगत दिशा और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर कई बड़े संकेत मिलने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है। मौजूदा समय में प्रदेश मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 60 हो सकती है। जितिन प्रसाद के केंद्र में मंत्री बनने और अनूप प्रधान वाल्मीकि के सांसद चुने जाने के बाद कुछ पद रिक्त चल रहे हैं।

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