नैनीताल, मार्च 10 -- उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड राज्य की अस्मिता से जुड़े बहुचर्चित रामपुर तिराहा कांड (मुजफ्फरनगर कांड) के लंबित वादों की शीघ्र सुनवाई किये जाने को लेकर दायर याचिका पर अंतिम सुनवाई के बाद मंगलवार को पुनः निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता रमन शाह की याचिका पर आज न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ में सुनवाई हुई। इससे पहले पीठ ने इसी मामले में पिछले साल 09 सितंबर, 2025 को निर्णय सुरक्षित रख लिया था लेकिन 12 दिसंबर,2025 को अदालत ने इसे आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया था।

इसी क्रम में आज याचिकाकर्ता, सीबीआई और राज्य सरकार की ओर से अंतिम रूप से अपना पक्ष रखा गया। याचिकाकर्ता और अधिवक्ता रमन साह ने बताया कि सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

पिछली सुनवाई में एकलपीठ ने उप्र और उत्तराखंड सरकार से मुजफ्फरनगर कांड से जुड़े सीबीआई कोर्ट में लंबित वादों की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा था। रिपोर्ट में बताया गया है कि मुजफ्फरनगर कांड से जुड़ी छह वाद देहरादून से मुजफ्फरनगर की सीबीआई अदालत को स्थानांतरित कर दिए गए हैं।

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