नैनीताल , फरवरी 28 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय जारी करते हुए देहरादून के चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा निदेशालय में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात रजनी रावत के स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया।
रजनी रावत ने 13 फरवरी के स्थानांतरण आदेश को चुनौती दी थी जिसके आधार पर उन्हें चमोली जिला अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि स्थानांतरण आदेश प्रशासनिक आधार पर जारी किया गया है। याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर दिए बिना और उचित जांच के बिना जारी किया गया। उन्होंने उत्तराखंड वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017 की धारा 18(4) का हवाला देते हुए कहा कि गंभीर शिकायतों के आधार पर स्थानांतरण से पहले उचित जांच और पुष्टि आवश्यक है।
राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता ने पहले के विभागीय स्थानांतरण आदेशों का पालन नहीं किया और उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि, अदालत ने पाया कि स्थानांतरण आदेश से पहले कोई उचित जांच नहीं की गई और याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने स्थानांतरण आदेश रद्द करते हुए कहा कि यह कानून के अनुसार नही है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा इस वर्ष 15 फरवरी को प्रस्तुत विस्तृत अभ्यावेदन पर विचार करते हुए और उन्हें उचित सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए नया आदेश जारी करें।
अदालत ने याचिकाकर्ता को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया। इसी के साथ खंडपीठ ने याचिका का पूरी तरह से निपटारा कर दिया।
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