नयी दिल्ली , अक्टूबर 31 -- उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों ने राज्य में एक नवंबर से शुरु हो रहे स्थापना दिवस समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान करते हुए कहा है कि धामी सरकार उनकी अनदेखी कर कर रही है इसलिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के संरक्षक और प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने शुक्रवार को यहां एक बयान में कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है इसीलिए राज्य आंदोलनकारियों ने शनिवार से शुरु हो रहे राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष पर आयोजित समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अराजकता का माहौल है। प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां हो रही है, चार धाम यात्रा का संचालन पूरी तरह से गड़बड़ा रहा है, कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है, छात्रों का दमन हो रहा है और आंदोलनकारियों सहित सबकी मांगे नजरअंदाज की जा रही है। इन स्थितियों पर राज्य आंदोलनकारी खामोश रहने वाले नहीं है और यदि सरकार उनकी मांगों को लेकर रुख में बदलाव करती है तो बहिष्कार के ऐलान पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
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