पौड़ी , अक्टूबर 30 -- उत्तराखंड स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर तीन अगस्त से सात दिवसीय पेंशन जागरुकता शिविरों का आयोजन किया जाएगाशासन के निर्देशानुसार राज्य स्थापना सप्ताह के अंतर्गत तीन से नौ नवंबर तक जनपद के समस्त कोषागार एवं उपकोषागारों में राज्य स्थापना सप्ताह पर पेंशनरों के हित में जागरुकता शिविर तीन से नौ नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। पेंशनरों से इसमें की गयी सक्रिय भागीदारी की अपील।
उत्तराखंड राज्य कोषाधिकारी अमर्त्य विक्रम सिंह ने बताया कि सप्ताह भर चलने वाले इन शिविरों का उद्देश्य पेंशनरों को विभिन्न योजनाओं एवं प्रक्रियाओं की जानकारी देना है, जिससे वे पेंशन स्वीकृति, पारिवारिक पेंशन, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, आयकर, स्वास्थ्य प्रतिपूर्ति और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों से भली-भांति परिचित हो सकें।
तीन नवंबर को पेंशन स्वीकृति एवं पारिवारिक पेंशन से जुड़ी व्यवहारिक कठिनाइयों के समाधान के लिए जानकारी दी जाएगी। चार नवंबर को जीवन प्रमाण पत्र और डिजिटल माध्यम से इसे जमा करने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच नवंबर को पेंशनरों को आयकर संबंधी जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा 6 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पेंशनरों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा तथा अंशदायी पेंशन योजना एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
वहीं सात नवंबर को पुलिस विभाग एवं बैंकों के सहयोग से साइबर धोखाधड़ी से बचाव पर जागरूकता कार्यक्रम होना है। इसके अगले दिन आठ नवंबर को 80 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र के लिए घर पर प्रमाण-पत्र सेवा (डोर स्टेप सेवा) पर चर्चा की जाएगी जबकि 9 नवंबर को आहरण एवं वितरण अधिकारियों की बैठक में पेंशन प्रक्रिया में आ रही समस्याओं एवं उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया जाना है।
यह कार्यक्रम कोषागार पौड़ी, श्रीनगर, थलीसैंण, धुमाकोट, सतपुली, लैंसडाउन व कोटद्वार में आयोजित होंगे। पेंशनरों से अपील की है कि वे आगामी तीन से नाै नवंबर तक आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
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